Wednesday, 27 January 2010

Missing her..


As the distance gets bigger the bond gets stronger. Missing her here.
Got to find this excerpt from Javed Akhtar's poetry . Liked it. So sharing it.



मुझको तेरी आवाज़ से खुशबू आती है
और खुशबू में रंग दिखाई देते हैं
तू जब नहीं है तब तू है साथ मेरे
मीलों से छूते हैं तुझको हाथ मेरे
वो जो तेरी साँसों में हैं घुले हुए
कहीं रहूँ वो गीत सुनाई देते हैं
बादल, तितली, कलियाँ, लहरें, फूल, हवा
ये सब तेरे रूप दिखाई देते हैं
मैं हूँ, तेरा नाम है, तेरी बातें हैं
हर पल दोहराता तेरा अफसाना हूँ
मुझको तो अब होश नहीं है
तू ही बता, सब कहते हैं, मैं तेरा दीवाना हूँ !


4 comments:

  1. Nice poem by Javed Sir.n suits ur situation.
    Congratulations for ur nw blog :)

    -Neha

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  2. Abe Kam... kya ho gya haio tujhe?
    awaz se khusbu ati hai or khusbu main rang dikhte hai?
    beta doctor ko dikha le utri nahi hai teri raat ki
    :-)

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  3. aye haye... kabhi humein bhi miss kar lia hota ;)

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